पुस्तक - दिल्ली दरबार (उपन्यास) लेखक- सत्य व्यास प्रकाशन - हिंदयुग्म - वेस्टलैंड मूल्य - ₹१५०/- दिल्ली दरबार अमेज़न लिंक पुस्तक चर्चा - शक्ति सार्थ्य _____________________________________________ दिल्ली दरबार दो दोस्तों की कहानी है। नहीं-नहीं। सिर्फ एक ही की। दूसरा तो बेचारा कथावाचक है। राहुल मिश्रा की कहानी। मोहित उर्फ झाड़ी की जुवानी। राहुल मिश्रा के बहुत से किस्से है। उन किस्सों का साक्षी है मोहित। राहुल मिश्रा जब पढ़ने के लिए झारखण्ड से दिल्ली पहुंचता है तो वो उसकी चकाचौंध में घुल जाना चाहता है। जैसे:- दो-चार गर्लफ्रैण्ड होनी चाहिए एक की अनुपस्थित में दूसरे का साथ। मतलब अकेलापन नहीं चाहिए। हर पल मौज-मस्ती। अच्छा पहनना। अच्छा खाना। घूमना। वगैरह-वगैरह। राहुल मिश्रा के तो वैसे कई सारे अफेयर रहे लेकिन दो अफेयर कुछ ज्यादा ही खास रहे। एक तो मकान मालिक बटुक शर्मा की इकलौती बेटी परिधि शर्मा। और दूसरा महिका रायजादा के साथ। महिका रायजादा के साथ वाला अफेयर महिका का अकेले हो जाने की वजह से अपना अकेलापन दूर करने के लिए ही राहुल मिश्रा से हुआ था। परिधि शर्मा के साथ वाला अफ...
"एक प्रयास.., मुकम्मल प्रस्तुति का"